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३५ साल की विधवा बहन की जी भर के चुदाई

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यह चुदाई कहानी एक या दो महीने पहले की है जब मैं दिल्ली में था तब एक दिन मुझे अचानक मेरे पिताजी का फोन आया उन्होंने कहा कि बेटा राकेश तुम्हारी बहन सिलपा दिल्ली में कोई काम से थी लेकिन वह काम आज पूरा नहीं हुआ जिसके कारण वह घर लौट नहीं सकती तो वह दिल में अकेले कहां ठहरेगी इसलिए उसे अपने ही रूम पर 2 दिन के लिए रख लो दो दिन के बाद वह गाड़ी एंड प्रिंट पकड़कर घर आ जाएगी मैंने भी सोचा कि चलो यार बहन है रख लेते हैं और फिर उसके बाद मैन्ने हां कर लिया मुझे एक या 2 घंटे के बाद मेरे घर आ गए वह उस समय बहुत ही सेक्सी दिख रही थी पिंक कलर के सलवार सूट पहने हुए वह मेरे घर आई है उसे देख कर हैरान रह गया यार एक भी विधवा लड़की भी क्या ऐसी दिखती है
उसके बूब्स माशा अल्लाह क्या दिख रहे थे यार देखते  मेरा लंड टनक उठा उसके बाद  मुझे अपने भाई बहन के रिश्ते का याद आ गया इसलिए मैंने अपने लंड को कैसे भी कंट्रोल कर लिया फिर मैंने  शिल्पा को अंदर बुलाया और वह अंदर आकर मेरे बगल में बैठ गए फिर मुझे याद आया कि आज दाल सब्जी और फल खत्म हो गए हैं रात को क्या खाना बनाऊंगा इसलिए मैं जल्दी से बाजार चला गया वहां मैंने एक कंडोम का एड देखा कंडोम का एड देखते ही मेरा लंड महाराज फिर से टनक गया और मैं अपने लंड महाराज को कंट्रोल नहीं कर पाया और मैंने मॉल के एक बाथरुम में जाकर मुठ मारना स्टार्ट कर दिया मुठ मारते वक्त मुझे मेरी बहन शिल्पा का याद आ गया यानी शिल्पा के नाम पर मुठ मार दिया उसके बाद मैं वहां से निकला और सामान खरीदने के बाद घर वापस आ गया,आने के बाद मैंने देखा कि बाथरुम से कुछ आवाज आ रही मैं समझ गया कि भी बाथरुम के भीतर शिल्पा नहा रही थी फिर से मेरा लंड टकनक  गया मैं बाथरुम के दरवाजे कन्नौज से देखने लगा,हिंदी सेक्स की कहानियाँ,सच्ची चुदाई कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। अंदर मैंने देखा कि वहां मेरी बहन   नहा रही थी फिर थोड़ा देर के बाद मैंने देखा कि वह अपनी चूत मेंउंगली कर रही थी यह देख कर मुझसे  रहा नहीं गया और मैंने भी  मुट्ठ मारना शुरू कर दिया मैं जैसे जैसे ही झड़ गया  उधर से आवाज आया कोई बाहर है क्या मैं थोड़ा घबरा गया और मैं पीछे आ गया जाने के  बाद मैंने कहां  मैं राकेश हूं मैं घर आ गया उसके बाद उधर से आवाज आई ठीक है मैं आ रही हूं थोड़ा देर के बाद अपने बाल सुखाते हुए बाथरुम से बाहर निकले निकलते हैं मुझे उसने कहा तुम कब आ रहा कि मैं घबरा गया मुझे लगा कि वह सब देखने कि मैं बाहर हूं उससे उसे देखा था इन पर थोड़ा देर बाद बोली मुझे पता भी नहीं चला कि तुम कब है मैं थोड़ा ठीक महसूस कर रहा था मेरी बातें होती गई और शाम हो गया मेरे पिताजी ने मुझे फोन किया और कहा क्या शिल्पी घर आई मैंने कहा हां पिताजी शिल्पी घर आई फिर शिल्पी ने पिता जी से बात की  मैं बाथरुम चला गया आज मैंने जब उसके चूत में उंगली डालते देखा मैं समझ गया कि वह भी वासना की प्यासी है मैं समझ गया जिसका पति 2 साल के बाद ही मर जाए वह तो होगी अब मैं समझ रहा था कि मुझे अपनी बहन को यह खुशी भी देनी  होगी इसलिए मैंने चूत में उंगली डालते देखा मैं समझ गया कि वह भी वासना की प्यासी है

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मैं समझ गया इसलिए मैंने यह ठान लिया कि आज मैं उसको चोद फिर मैंने मुठ मारना शुरू कर दिया जब मैं झड़ गया तो मैं काफी सुस्त महसूस कर रहा था मैं मेरे बाथरूम के बाहर आया मेरी बहन बोली अरे राकेश तुम बहुत सुस्त दिख रहे हो मैंने कहा कुछ नहीं बस थक गया हूं बाजार में बाल भागदौड़ आज हो गया है ठीक है आवाज में खाना बना देते हैं और खाना बनाने चली गई फिर मैंने अपने दोस्त को कॉल किया और उससे जोश की टिकिया मंगवाई   वह मेरा दोस्त कुछ ही देर में मेरे घर जोश की टिकीया से क्या लेकर आएगा मेरी बहन पूछे क्या है मैंने कहा कुछ नहीं दीदी मैंने ऑनलाइन कुछ मंगवाया  ह हां वही आया है उसके बाद हम सोने चले गए तभी दीदी दो ग्लास दूध लाइव मैं समझ गया कि यह सबसे अच्छा मौका है दीदी के ग्लास में जोश वाला टिकिया मिलाने का मैंने बहाना किया की दीदी अब मैं सब कर वाला दूध पीता हूं इसलिए दीदी शकर लाने चली गई और मैं इतने देर में उसके ग्लास में दोस्त वाला टिकिया भुला दिया,हिंदी सेक्स की कहानियाँ,सच्ची चुदाई कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। जब दीदी शक्कर लेकर आई तो मैं जल्दी से दूध पी गया और फिर शक्कर वाले डब्बे को रखने को कहा दीदी जैसे ही रखने गई वैसे ही मैं अपने सोने चला गया मैं जा कर बस बिस्तर पर झूठ का लेट गया और उसके बाद  दीदी जब वाह दूध पीकर आए तो उसके अंदर एक अजीब सा खुर्जा दौड़ रहा था जो उसका वासना को ऊपर जा रहा था वह अपने बिस्तर पर जाने के बाद अपने चूत में उंगली करने लगे यह सब देख रहा था लेकिन मैं कुछ कहा नहीं जब दीदी  को शक हुआ कि मैं यह सब देख रहा हूं तू आ जा कर लाइट बंद कर दी मैं समझ गया कि दीदी बहुत ही नाजुक सिचुएशन में आ गई है इसलिए मैं आप केसे जाकर लाइट ऑन कर दिया जब मैंने लाइट ऑन किया तो देखा कि वहां दीदी अपनी उंगली को  चूत  में बार-बार डाल रही है यह सब देखने के बाद मुझ से रहा नहीं गया और मैं भी दीदी का बूब्स जाकर पकड़ लिया दीदी कुछ बोलने की हालत में अभी नहीं थी वैसे भी उस पर उस दवाई का असर था मैंने उसका बूब्स को मसलना शुरू कर दिया वह धीरे धीरे आवाज निकालने लगी इसलिए मैंने उसके मुंह पर अपना हाथ रख दिया थोड़ी देर के बाद मैंने अपने हाथ को उसके पैंटी के अंदर डाल कर उसकी चूत मसलना शुरू कर दिया अब और जोर जोर से करने लगे थोड़ी देर के बाद मैं उसके चूत में उंगली करने लगा वह सब से खुलने लगी थी

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मैं समझ गया कि वह पानी छोड़ने वाली है इसलिए मैंने अपनी उंगली को सच से बाहर कर दिया उसने सच में ही पानी छोड़ दिया पूरा बिस्तर उसके चूत की पानी से भीग गया अब मैं अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया इससे वह कोई आवाज नहीं निकाल पा रही थी और मैं आपसे से अपनी उंगली को उसके चूत में डालना प्रारंभ कर दिया थोड़ी देर के बाद जब हम नॉर्मल हो गई तो मैंने अपने लंड को उसके मुंह से बाहर निकालकर उसकी चूत में डालने का प्रयास किया लेकिन उसका चूत काफी मजबूत था मैं एक बार में सफलता प्राप्त नहीं कर पाया लेकिन बार बार मैंने उसकी चूत में अपना लंड को डालने का प्रयास कर रहा था एक बार मेरा लंड से चूत में राधा को चला गया अब वह बहुत जोर जोर से आवाज निकालने लगी इसलिए मैंने उसका मुंह पर अपना हाथ रख दिया और उसके बाद मैंने अपने लंड को पूरे चूत में डाल दिया अब मैं धीरे-धीरे चोदना शुरू कर रहा था मेरा भी यह पहला बार था इसलिए मैं भी थोड़ा घबराया हुआ था लेकिन अब मैं भी धीरे धीरे उसमें नहीं था अब हम रफ्तार को पकड़  चुके थे इसलिए अब रुकना मुश्किल था कुछ 15 मिनट के बाद वह सिकुड़ने लगी मैं समझ गया कि वह पानी छोड़ने वाली थी थी और मैं भी  . हिंदी सेक्स की कहानियाँ,सच्ची चुदाई कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। झड़ने वाला था इसलिए मैंने अपना लंड चूत से   बाहर निकाल लिया आप अब धीरे-धीरे उसमें आ रही थी अगर मैं उसके चूत से अपना लंड नहीं निकालता और यदि मैं उस में ही झड़ जाता तो वह प्रेग्नेंट हो सकती थी इसलिए मैंने कोई दिक्कत नहीं लिया जब हवा शुद्ध तरह से होश में आ गए तब उसने मुझसे पूछा क्या भाई यह तुमने क्या कर दिया मैं मुझे उस पर बहुत दया आ गई और मैं पैसे सोने चला गया जब सुबह हुआ तो उसने मुझसे पूछा कि रात को क्या कोई तुमने सपना देखा मैंने बोला था मैंने देखा कि एक भाई ने बहन को चोद दिया था फिर उसने बोला कि थैंक्यू भाई मुझसे इतना बड़ा एहसान करने के लिए तुम्हें बताता ही नहीं कि तुम्हारे जीजा जी के मर जाने के बाद मैं कितनी तड़प रही थी लेकिन तुमने मेरी याद तलब दूर कर दें थैंक यू वेरी मच इतना हम बात कर रहे थे तभी पिताजी का फोन आ गया और उन्होंने कहा कि आज सारा काम खत्म  लेकिन अब हम जब भी मिलते हैं और मुझसे जुड़ने के लिए तैयार होती है और वह मेरा बेसब्री से चुदने के लिए इंतजार भी करती है मैं अब जब भी अपने गांव जाता हूं मैं उसे जरुर सोचता हूं और वह भी मजा करती है मैं जब कहां जाते हो,कैसी लगी मेरी सेक्स कहानी , अच्छा लगी तो जरूर रेट करें और शेयर भी करे ,अगर कोई मेरी विधवा बहन की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे ऐड करो Chudai ki bhukhi vidhwa behan

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